Posts

घोसी उपचुनाव में सपा आगे, क्या होगा दल बदल कर बीजेपी में गए दारा सिंह का?

Image
घोसी विधानसभा उपचुनाव का नतीजा लगातार चौंका रहा है। चौथे राउंड की गिनती में सपा के सुधाकर सिंह 4 हजार से ज्यादा वोटों से आगे चल रहे हैं। दारा सिंह चौहान पीछे हो गए हैं।  घोसी विधानसभा उपचुनाव की काउंटिंग सुबह आठ बजे से शुरू गई। गौरतलब है कि मतगणना को लेकर तैयारियां जिला प्रशासन की तरफ से गुरुवार को पूरी कर ली गई थी। कलेक्ट्रेट परिसर में वोटों की गिनती जारी है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि सपा विधायक का पद छोड़कर भाजपा से विधायक बनने चले दारा सिंह चौहान विधानसभा उपचुनाव जीतेंगे या सपा के सुधाकर सिंह उन्हें पछाड़ देंगे। 

सत्यवादी सुकरात, जिस पर था युवाओं को बहकाने का आरोप

Image
फोटो : सोशल मीडिया से साभार आज उसे लोग यूनान का महान दार्शनिक मानते हैं, लेकिन जब वह जीवित था तो उस पर तमाम तरह के आरोप लगाए गए और उसे जहर का प्याला पिला दिया गया। हां, वह सुकरात ही थे, जिन पर आरोप था कि वह नास्तिक थे और युवाओं को बिगाड़ रहे थे। 469 ईसा पूर्व में एथेंस में एक गरीब घर में पैदा हुए सुकरात का दर्शन इतना सटीक था कि लोग आज भी उन्हें याद करते हुए उत्साह से भर जाते हैं। उनके पिता संगतराश थे और उनकी मां दाई का काम किया करती थीं। उनके बारे में कहा जाता है कि वह कभी चुप नहीं बैठते थे और सड़कों पर भटकते हुए लोगों को सत्य की राह दिखाते रहते थे। उनके सत्यवादी होने से वहां के लोग जागरूक हो रहे थे और अपने अधिकारों को लेकर सचेत हो रहे थे। यही बात तत्कालीन सत्ताधारियों को नागवार गुजर रही थी। सुकरात ने कभी कोई ग्रंथ नहीं लिखा था, लेकिन उनके उपदेश देने का तरीका ही इतना प्रभावशाली था कि लोग उन्हें सुनते ही रह जाते थे। वह सूफियों की तरह साधारण लोगों से रूबरू होते थे। सुकरात बहुत ईमानदार और दृढ़ संकल्प वाले विचारक थे। वह उपदेश देने के लिए बहुत सुबह ही अपने घर से बाहर निकल जाते थे और लोगों क...

कर्नाटक में जीत के बाद क्या 2024 में भी मोहब्बत की दुकान सजा पाएंगे राहुल गांधी?

Image
 Image source : twitter 'भारत जोड़ो यात्रा' का असर क्या आगामी लोकसभा चुनाव में भी दिखाई देगा कर्नाटक विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की शानदार जीत के बाद लोगों के मन में सबसे पहला सवाल यही उठ रहा है कि क्या राहुल गांधी 2024 के लोकसभा चुनाव में अपना यही दमखम बरकरार रख पाएंगे। कई राजनीतिक विश्लेषक यह मान कर चल रहे हैं कि कर्नाटक की शानदार जीत राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा की सफलता का ही परिणाम है। यह सच है कि राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा के बाद से ही कांग्रेस के नेताओं-कार्यकर्ताओं में जबर्दस्त उत्साह देखा जा रहा है। निस्संदेह यही उत्साह और जोश ही कर्नाटक के चुनाव प्रचार के दौरान भी दिखाई दिया। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी सहित सभी बड़े-छोटे नेताओं ने कर्नाटक चुनाव में अपनी पूरी ताकत लगा दी थी, लेकिन दूसरी ओर बीजेपी की तरफ से जोरदार चुनाव प्रचार किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद स्टार चुनाव प्रचारक की भूमिका में उतर गए थे और सभी कार्यकर्ताओं में जोश भरते नजर आ रहे थे। कांग्रेस की तरफ से बजरंग दल को बैन किए जाने के मुद्दे को भी स्वयं मोदी ने लपक लिया और उसे बजरंग बली के अप...

अनोखा कलाकार

Image
कलाकार की एक मुद्रा/Photo:   Gulzar Hussain     आज इस कलाकर को देखा तो मेरे कदम ठहर गए... यह नौजवान मूर्ति की तरह स्थिर था। मानो सांस भी न ले रहा हो। चेहरे पर कोई भाव नहीं ...न दुख ...न सुख ...न उल्लास ...न जिज्ञासा... यह कलाकार (statue artist) निस्संदेह कुशल अभिनेता है, जो चेहरे का हर भाव छिपा कर स्टेच्यू बना रहा, लेकिन इसके बावजूद एक भाव है, जो वह नहीं छुपा पाया। जरा सोचिए कि वह क्या है, जो वह नहीं छुपा सका? ऐ कलाकार, तुम भविष्य में अपनी कला से खूब नाम कमाओ। यही कामना है। (मुंबई में 30 जनवरी को यह तस्वीर ली) -गुलजार हुसैन की फेसबुक पोस्ट 

लघुकथा: ओवन

Image
Photo: Gulzar Hussain लघुकथा: शमीमा हुसैन आज बच्चों के टिफिन में, फिर से पराठा जैम रखा गया था। स्कूल से दोनों बहनें आ गई थीं। अब आप सवाल करेंगे कौन दोनों बहन? जुलेखा के बेटी है नाजिया और साजिया। दोनों बहनें एक ही चीज को ही पसंद करती थी। एक ही तरह का खाना ...एक ही तरह का कपड़ा। दोनों का हर काम एक ही तरह का होता था। उस दिन जुलेखा टिफिन धोने के लिए खोली तो देखा, दोनों के ही टिफिन में पराठा, जैम जस की तस पड़ी थी। जुलेखा ने जोर से आवाज दी, ''साजिया, नाजिया दोनों इधर आओ।'' ''...आई ममा।'' कहती हुई साजिया दौड़कर आई और पूछा, ''क्या हुआ ममा?'' ''नाजिया कहां है?'' गुस्से में मां ने पूछा। ''ममा, आपी दुकान गई हैं।'' साजिया ने सहमते हुए जवाब दिया। ममी ने चेहरे पर लटक आए बालों को एक तरफ सरकाते हुए कहा, ''सुन लो, आज तुम दोनों को अच्छे से पीटूंगी। ये टिफिन की बर्बादी अब सहा नहीं जाता...तुम दोनों को कुछ समझ में आता भी है कि नहीं।'' तभी ऐन समय पर दादी आ गई और साजिया पिटाई खाने से बच गई। मां के सामने दोनों बच्च...

सौमित्र चटर्जी, जिनकी फिल्में बार-बार देखने का मन करता है

Image
अपूर संसार में उनका ऐसा दिल को छू लेने वाला अभिनय है कि कोई उसकी जगह पर कोई दूसरा अभिनेता का नाम लेने को कहे, तो मुझसे किसी का नाम न लिया जाए। यहां, उनकी आंखों में एक खालीपन है, वे अपनी पत्नी की तरफ अपलक निहारते हैं। उफ़्फ़। एक दृश्य में वे पूछते हैं- ‘..तोमार चोखे की आछे बोलो तो ?’ एक-एक संवाद को इतनी संजीदगी से कोई कैसे जी सकता है भला। यह तो एकदम जादुई अभिनय है। इसी फिल्म में बाद में अपने नन्हे बेटे के साथ उनका संवाद तो इतना भावुक बन पड़ा है कि पूछिए मत। इस समय मैं जब भी जरा ठहर कर यह सोचता हूं कि भारतीय फिल्मों का कौन सा ऐसा अभिनेता है, जिसका अभिनय मेरे दिल को छू लेता है ...जिसकी फिल्में अब भी शिद्दत से देखने का मन करता है, तो वह नाम है सौमित्र चटर्जी का। इस नाम के सामने मैं न जाने क्यों हिंदी और कुछेक हॉलीवुड फिल्मों के दिग्गज अभिनेताओं के नाम भूल-सा जाता हूं। मैं अपने बाबा को आज भी शुक्रिया कहना चाहता हूं कि उन्होंने मुझे बचपन में टीवी पर सौमित्र चटर्जी की बेहतरीन फिल्में देखने की छूट दी। बाद में बड़े होने पर मैंने फिर से उनकी फिल्मों को कई बार देखा। सत्यजीत रे के निर्देशन में बनी क...

राहुल गांधी को मिल गया 'अलादीन का चिराग'?

Image
भारत जोड़ो यात्रा का एक दृश्य/ फोटो : सोशल मीडिया से साभार निस्संदेह भारत जोड़ो यात्रा ( #BharatJodoYatra ) से कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi )  की छवि बदली है। इसे राहुल के समर्थक ही नहीं दबी जुबान से राहुल गांधी के विरोधी भी मान रहे हैं, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि इस यात्रा से क्या राहुल गांधी कांग्रेस के दिन बदल पाएंगे। यह तो साफ है कि भारत जोड़ो यात्रा शुरू होने पर इसकी सफलता पर संदेह किया जा रहा था, लेकिन इस यात्रा को जितना समर्थन मिला, वह कांग्रेस पार्टी के लिए किसी बड़े चमत्कार से कम नहीं है। कन्या कुमारी से चली यात्रा में गांवों-कस्बों के गरीब-गुरबे, स्त्रियां और मजदूर ही नहीं जुड़े, बल्कि फिल्म और समाजसेवा से जुड़े चर्चित चेहरे भी जुड़े और इसकी चर्चा भी खूब हुई। अभिनेता सुशांत सिंह से लेकर कमल हासन जैसे दिग्गज अभिनेता भी इसमें शामिल हुए। अभिनेता-अभिनेत्रियों के अलावा पूर्व आरबीआई अध्यक्ष रघुराम राजन के शामिल होने की चर्चा भी खूब रही। सत्ताधारी भाजपा इन चेहरों की आलोचना भी करती नजर आई, जिससे राजनीतिक विश्लेषकों को यह लगा कि यह एक तरह से यात्रा क...