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Showing posts from September 28, 2025

चाय का कप : लघुकथा

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AI Image -नायला अदा रेहाना की उम्र तो बस पंद्रह बरस थी, पर उसकी आंखों में वक़्त की धूल जमी थी। बचपन उसे छूकर भी नहीं गया था। सुबह की पहली अज़ान के साथ वह उठती, गली-गली के घरों में काम करती — बर्तन, झाड़ू, पोंछा और कभी-कभी चूल्हे की तपिश भी झेलती। उस रोज़ अमजद साहब के घर उसने जल्दी-जल्दी काम निपटाया। उन्हें चाय बनाकर कमरे में ले जा ही रही थी कि हाथ काँप गया। कप ज़मीन पर गिरा — और जैसे ही गिरा, सन्नाटा टूट गया। "अरे हरामखोरी की हद है! तमीज़ नहीं है चाय देने की?" अमजद की आवाज़ में जहर था। रेहाना ने सिर झुका लिया, "गलती हो गई, साहब..." लेकिन माफी मांगने से पहले ही एक झन्नाटेदार तमाचा उसके गाल पर पड़ा। अमजद की बीवी ने थप्पड़ों से अपना गुस्सा उतारा, और फिर दोनों ने उसे पीट-पीटकर जैसे अपनी हैसियत जताई। रेहाना के फटे दुपट्टे और सूजे गालों के बीच, उसकी चुप आंखें कुछ बोल गईं — दर्द की जुबान दुनिया को अक्सर देर से समझ आती है। मगर मोहल्ले की औरतों ने देखा, सुना... बात एक समाजसेवी तक पहुँची। केस दर्ज हुआ। और एक दिन वही अमजद अदालत की चौखट पर खड़ा था — शर्मिंदा, लेकिन देर स...

खाड़ी का आईना : लघुकथा

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AI Image -शमीमा हुसैन  पानी साफ था। इतना साफ कि अपना चेहरा थोड़ा झुकाकर आईने की तरह देखा जा सकता था। मैं पानी देखकर हैरान हो गई—एक तरफ इतना प्रदूषण और दूसरी तरफ इतनी सफाई! एक लंबी खाड़ी के सामने मैं खड़ी थी। पानी चांदी की तरह चमक रहा था। हम थोड़ी दूरी पर थे, जहां कबूतरों की बारात लगी हुई थी। किसी ने राजमा और गेहूं बिखेर दिया था। कबूतर बड़े ही प्यार से गेहूं खा रहे थे। कबूतरों के झुंड से थोड़ी दूर एक सफेद चिड़ियों का झुंड था। सारी चिड़ियाँ चांदी के वर्क जैसी लग रही थीं। हवा तेज नहीं थी, लेकिन खाड़ी की थोड़ी-सी हवा भी बहुत ज़्यादा लग रही थी। मेरे बाल खुले हुए थे। हवा मेरे बालों से खेलने लगी। बाल मेरे चेहरे और आंखों में उड़ने लगे। मैं उस पल के जादू में खो गई। ऐसे ही नज़ारे दूर तक फैले थे। मैं चलती गई। चलते-चलते प्यास लग गई। कई लोग पानी बेच रहे थे। एक महिला भी पानी बेच रही थी। पानी, कबूतर, हवा के साथ-साथ मैं और भी बहुत कुछ देख रही थी। वह पानी वाली बड़े ही मीठे स्वर में गा रही थी — "ठंडा-ठंडा बिसलेरी पियो..." वह मेरे पास दो-तीन बार होकर गई। मैंने ज़ोर से आवाज़ लगाई — "आंटी! प...