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Showing posts from December 14, 2025

भूख : लघुकथा

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AI Image -शमीमा हुसैन  वह बहुत तेजी से चाकू चला रहा था। हठा-कट्ठा, छोटे कद का युवक था। रंग उसका गोरा था। उसके हाथ-पैर पर पड़ा खून साफ-साफ दिख रहा था, उसके गाल पर भी छींटे पड़े थे। इस खून के छींटों से उसे कोई तकलीफ़ नहीं थी। वह मुस्करा भी रहा था, हँस भी रहा था। हम जो दस-बारह लोग उसका मुँह ताक रहे थे, ऐसा लग रहा था कि उसे और भी मज़ा आ रहा है। मेरे आगे नाइटी में एक महिला खड़ी थी। बालों का जूड़ा रात वाला ही था, आधे बाल बिखरे हुए थे। हाथ नचाते हुए बोली, “ऐ रेहान, जल्दी कर, लाइन बढ़ती जा रही है।” “अब कितना जल्दी, मौसी?” मैं पीछे खड़ी थी, देखे जा रही थी कि इस पूरे आदमी का काम कितना हार्ड है। सुबह आठ बजे से ही मुर्गी ज़िबह करना, साफ करना, होटल के लिए काट-कूट करना, वजन करना और होटल में भेजना—सब शुरू हो जाता है। दस बजे ग्राहक आना शुरू हो जाते हैं। दस बजे से ग्राहकों को संभालना पड़ता है। पूरे दिन भर यही काम चलता रहता है। दोपहर दो बजे दो घंटे की छुट्टी होती है, फिर चार बजे से काम चालू हो जाता है। रात के बारह बज जाते हैं सफाई करते-करते। दिन भर हाथ में पानी लगा रहता है, दोनों पैरों में भी पानी ल...

पहचान : लघुकथा

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AI Image -शमीमा बानो मासूम बहुत सालों की कोशिश के बाद यूके जा सका था। उसने बहुत मेहनत से पढ़ाई की, डिग्रियाँ जमा कीं और साहपुर के कॉलेज में लेक्चरर लग गया। माँ-बाबा की खुशी का कोई ठिकाना नहीं था। बेटा भी खुश था, लेकिन उसकी खुशी के भीतर एक कसक लगी हुई थी। उसका मन था कि यूके के किसी कॉलेज में लेक्चरर बन जाए। वह साहपुर के कॉलेज में प्रोफेसर हो गया था। दिन-रात कोशिश कर रहा था कि यूके के कॉलेज में चयन हो जाए। उसने पीएचडी की थी और अपने विषय पर उसकी गहरी पकड़ थी। फिजिक्स उसका फेवरेट सब्जेक्ट था और साहपुर कॉलेज में भी वह फिजिक्स का ही लेक्चरर था। आखिरकार मासूम की कोशिश सफल हो गई—यूके के एक कॉलेज में उसका चयन हो गया। अब सवाल था—जाने के लिए वीज़ा और पासपोर्ट का, और उसके लिए पैसे चाहिए थे। मासूम ने अब्बा से कहा, “अब्बा, मेरा सेलेक्शन हो गया है। पासपोर्ट बनवाने के लिए पैसे चाहिए।” अब्बा पहले से ही उसके जाने के खिलाफ थे। उनका मन था कि बेटा उनके पास रहे, शादी करे और यहीं सेटल हो जाए। उनका विचार था कि अपनी ही मिट्टी में रहना चाहिए। माँ को छोड़कर जाना वे गुनाह समझते थे। अब्बा ने साफ मना कर दिया। मासूम...