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Showing posts from April 12, 2026

एक मौका : लघुकथा

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  AI Image ...जब इंसान अपने ही जुड़े हुए लोगों को माफ नहीं कर पाता, तो रिश्ता सड़ने लगता है और उसमें से बदबू आने लगती है। चाहे जीवन कितना भी आधुनिक क्यों न हो, लेकिन उस घर में दोनों अजनबियों की तरह रहने लगे थे। (इसी कहानी से) शमीमा हुसैन नफीसा और सलमान की एक खूबसूरत जोड़ी थी। नफीसा आधुनिक विचारों वाली महिला थी। शादी के दिन से ही वह घर को अपने तरीके से चलाती आ रही थी। नफीसा अपने कपड़ों से लेकर बर्तनों तक सब कुछ आधुनिक रखना पसंद करती थी। इसी बात को लेकर सास और बहू में अक्सर तकरार हो जाती थी। जिस घर को नफीसा कुछ सालों से संभाल रही थी, उस घर को उसकी सास कई दशकों से चला रही थीं। सास का कहना था कि नफीसा का दिमाग खराब हो गया है, वह फिजूल खर्ची करती है। लेकिन नफीसा का मानना था कि हमें नए समय के साथ जीना चाहिए और पुरानी चीजों को बदल देना चाहिए। नफीसा के सारे कपड़े वेस्टर्न थे, इस बात से भी सास को खीज होती थी। नफीसा पिछले कुछ सालों से अपनी एक दुकान भी चला रही थी। इस बात पर भी घर में एतराज़ होता था। सास कहती थीं कि जब अल्लाह का दिया सब कुछ है तो काम करने की क्या ज़रूरत है। लेकिन नफीसा का कहना...

चुप्पी की आवाज़ : लघुकथा

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AI Image आज सारा थोड़ी देर से उठी थी, लेकिन इसके पीछे भी एक वजह थी। कल अम्मी बाज़ार से अंगूर लाई थीं। भाई को ज़्यादा अंगूर मिले और सारा को बहुत कम। जब सारा ने हिम्मत करके कहा,“अम्मी, मुझे भी थोड़ा और दे दीजिए,”तो उसे जवाब में डांट और मार मिली। वहीं भाई को बिना कुछ कहे तीन रुपये दे दिए गए। शमीमा हुसैन सारा चुपचाप खड़ी थी।अम्मी की कठोर आवाज़ उसके कानों में गूंज रही थी। “सारा, तुम पूरे दिन बस खाती रहती हो। तुम्हें कोई काम नहीं सूझता। अगर यही आदत रही तो रोज़ मार खानी पड़ेगी।” सारा कुछ नहीं बोली। वह जानती थी कि एक शब्द भी बोलने से अम्मी का गुस्सा और बढ़ जाएगा। वह अभी सिर्फ़ नौ साल की थी, लेकिन इतनी छोटी उम्र में ही उसने चुप रहना सीख लिया था। सारा का भाई उससे दो साल बड़ा था। घर में उसके लिए कोई नियम नहीं थे। वह दिन भर सोए, खेले या खाए—किसी को कोई आपत्ति नहीं होती। भले ही वह अभी बच्चा था, लेकिन उसे घर में बड़े पुरुष जैसा सम्मान मिलता था। उसकी हर गलती माफ़ कर दी जाती थी। आज सारा थोड़ी देर से उठी थी, लेकिन इसके पीछे भी एक वजह थी। कल अम्मी बाज़ार से अंगूर लाई थीं। भाई को ज़्यादा अंगूर मिले और सा...