जुर्माना : लघुकथा
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| AI image -शमीमा हुसैन |
एक लंबे-पतले कद का आदमी था। उसके चेहरे पर घनी दाढ़ी थी। उसका रंग जामुनी था। वह हमेशा क्रीम कलर की शर्ट पहनता था और उसकी गंजी हमेशा चमकदार सफेद रहती थी। जामुनी और सफेद का कॉम्बिनेशन ही अच्छा लगता था।
वह कभी-कभी रिक्शा चलाता, कभी खेतों में काम करता, कभी लकड़ी काटता और कभी शादी-ब्याह में हजाम का काम करता। उसके पास बच्चे थे। कुछ लोग कहते हैं कि उसका नाम रऊफ था। वह कभी-कभी पाव-रोटी और ब्रेड की दुकान पर भी काम करता था। रऊफ भिन्न-भिन्न तरह के काम करता था।
काम में विविधता जितनी ज़्यादा होती है, ज़िंदगी उतनी ही मुश्किल होती है। अब मुझे इतनी बड़ी होने के बाद पता चला कि इतने सारे काम करने पर भी रऊफ की ज़िंदगी आसान नहीं थी। बहुत मुश्किलों से भरी हुई थी। उसकी मुश्किलों को शायद हम लिखें, तो न जाने कितने पन्ने भर जाएँ, कितने पढ़ने लग जाएँ, पर मैं अब बस इतना-सा कहना चाहती हूँ कि जब मैंने उसे देखा और सुना था कि उसने ऐसा कुछ भी किया है, तो मुझे बहुत गुस्सा आया था।
लोगों ने उसे बहुत मारा था। क्रीम कलर की शर्ट काली पड़ गई थी और उस पर कहीं-कहीं खून के धब्बे भी पड़ गए थे।
यह बात पुरानी है।
पर लगता है, जैसे अभी-अभी की बात हो। वह आदमी मेरे यहाँ भी काम करता था—कभी खेत में, कभी मकान बनाने में, कभी लकड़ी काटने में। इसलिए मुझे गुस्सा आया। मैंने सोचा, "कैसे आदमी को अपने घर और काम में दखल देने दूँ?" लेकिन अब लग रहा है कि मैं गलत थी। मेरी सोच गलत थी।
उसके पास माँ थी, बच्चे थे, बीवी थी और बड़ा परिवार था।
एक दिन रात में उसने एक बड़े अमीर आदमी के बगीचे से चार-पाँच कटहल चोरी कर लिए। कटहल बहुत बड़े थे, इसलिए वह उन्हें एक साथ उठाकर नहीं ले जा सका। वह दो बार करके ले जाने लगा। एक बार तो कटहल रखकर चला आया, लेकिन दूसरी बार वह पकड़ा गया।
बस, कटहल चोरी किए थे। कटहल चोरी करने के लिए उसे बहुत मारा गया और उस पर जुर्माना भी लगाया गया। सारे गाँव और मोहल्ले में उसकी थू-थू हुई।
क्या सचमुच उसने बड़ी गलती की थी कि उसे इतनी बड़ी सजा मिले।

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